इंदौर. पीडब्ल्यूडी का टाइम कीपर 12 करोड़ रुपए से अधिक की काली कमाई की संपत्ति का मालिक निकला

Mar 8th, 2014 | By | Category: इंदौर, मध्य प्रदेश

इंदौर. पीडब्ल्यूडी का टाइम कीपर गुरुपाल सिंह उर्फ गुरुकृपाल सिंह उर्फ पप्पू सरदार 12 करोड़ रुपए से अधिक की काली कमाई की संपत्ति का मालिक निकला। लोकायुक्त पुलिस के छापे में यह खुलासा हुआ। उसके घर से अलग-अलग स्थानों पर 10 करोड़ की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं। इसके साथ ही 12 लाख 50 हजार रुपए नकद, सोने-चांदी के जेवरात सहित करीब दो करोड़ का सामान भी मिला है। सरकारी नौकरी के साथ ही गुरुपाल केबल का कारोबार भी करता है। विभाग में उसका रसूख ऐसा है कि नाम के लिए ही कभी-कभार दफ्तर जाता था।

लोकायुक्त पुलिस के दल ने शुक्रवार सुबह ठीक 5.40 बजे गुरुपालसिंह के तिलक नगर स्थित निवास पहुंचकर छापे की कार्रवाई शुरू की। घर से 17 जगह मकान-दुकान व फ्लैट सहित 20 एकड़ जमीन की रजिस्ट्रियां व अन्य दस्तावेज मिले। साथ ही करीब 10 बैंकों में परिवार के सदस्यों के नाम 35 बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई। कार्रवाई शाम छह बजे तक चली।
विदेशी शराब मिली, एक्साइज एक्ट का केस बना
आरोपी के तिलकनगर स्थित घर पर महंगी विदेशी एवं गोवा की शराब भी मिली। शराब की कीमत 45 हजार रुपए बताई गई है। बाद में एक्साइज विभाग ने गुरुपाल के खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत केस दर्ज किया। एक्साइज विभाग ने गिरफ्तार कर एक हजार रुपए के मुचलके पर छोड़ दिया।
टाइम कीपर की प्रॉपर्टी कहां-कहां
कृषि भूमि यहां: लोकायुक्त पुलिस को जो दस्तावेज मिले उसके मुताबिक गुरुपालसिंह व परिवार के लोगों के नाम बड़ोदिया खान,साबलिया खेड़ी, भिचौली हप्सी, कायस्थ खेड़ी (सांवेर), खतरीखेड़ी, पिपलिया हाना, बेगमखेड़ी में कृषि जमीन है।
यहां मकान-दुकान और फ्लैट: विनोबानगर में दो स्थानों पर मकान व दुकान, तिलकनगर मेनरोड पर मकान,इंद्र अपार्टमेंट में फ्लैट तिलक नगर के ही क्लासिक सेंटर में एक अन्य बहुमंजिला भवन-दुकान के अलावा तिलकनगर में ही दुकान, संविदनगर गली नंबर चार में मकान की रजिस्ट्रियां मिली हैं।
और यहां प्लाट : विनोबानगर, बख्तावरराम नगर, तिलकनगर, उदयनगर, संविदनगर के अलावा परिचारिका नगर।
प्रॉपर्टी का कारोबार भी
टाइम कीपर गुरुपालसिंह का विभाग में मूल काम दफ्तर में आने-जाने वाले लोगों की एंट्री करना है,  लेकिन नौकरी के समय वह केबल तथा प्रापर्टी की खरीदी-बिक्री का कारोबार करता था। वह सप्ताह में दो-तीन दिन ही दफ्तर आता था, वह भी 20 लाख की कार से। उसने अपने प्रभाव से अपने नाम पर टाइप टू श्रेणी का सरकारी मकान भी आवंटित करा लिया था, जिसकी उसे पात्रता नहीं थी।
28 साल की नौकरी में पाया कुल 25 लाख का वेतन
लोकायुक्त एसपी वीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक गुरुपालसिंह वर्ष 1984 में लोक निर्माण विभाग में चौकीदार के पद पर अस्थाई रूप से भर्ती हुआ था। 1989 में टाइम कीपर बना। फिलहाल पीडब्ल्यूडी के एसडीओ डिविजन ओल्ड पलासिया में पदस्थ है। उसका वेतन 22 हजार रु . है। 28 वर्ष की नौकरी के वेतन के रूप में उसकी आय 25 लाख रुपए होती है।
अचल संपत्ति: 9 स्थानों पर कृषि जमीन। इनमें अधिकतर पत्नी व पुत्र के नाम: 10 जगह प्लॉट। पांच पत्नी के नाम: 8 मकान-दुकान व फ्लैट।
चल संपत्ति: बैंक में जमा 35 लाख रुपए
: बीमा प्रीमियम 31.50 लाख रुपए
: बैंक में फिक्स डिपाजिट 12.50 लाख रुपए
:  तिलकनगर में मकान, एक इनोवा, एक टाटा सफारी, एक टाटा बस, चार दोपहिया वाहन कीमत 38 लाख रुपए
: घर में नकदी 12 लाख 50 हजार रु.
: सोने चांदी के गहने कीमत 27 हजार रुपए
: यूको बैंक लॉकर में नकद 15 लाख रुपए
: बैंक लॉकर में सोने चांदी के जेवर कीमत 16 लाख 50 हजार रु.
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